शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

फेसबुक के लिये सुझाव

suggestion for facebook


फेसबुक को ऐसी तकनीक पर काम करने की जरूरत है जिससे कि एक महिला, लडकी, पुरूष या युवक एक ही प्रोफाइल बनायें और इनकी फोटो केवल वेब केम से ही मान्य हो जो कि आॅनलाईन फेसबुक द्वारा लिया गया हो। ताकि महिला, लडकी, पुरूष धोखा खाने से और जवान लडके जोकि अपने माता पिता की गाडी कमाई से शहरों में पढने आते हैं अपना पैसा और समय गंवाने से बच जायें।
ये पोस्ट इतने कम शब्दों में इसलिये लिखी है क्योंकि आप सभी को पता है कि फर्जी प्रोफाईल कितनी अधिक मात्रा में हैं और उनके क्या हानिकारक प्रभाव हमारे आस पास देखने को मिलते हैं.

किसी प्रोफाइल की संदिग्ध फोटो और गतिविधियां शांत मन में तरह तरह के विचार पैदा करती  हैं जिससे कि हमारा मन एक शंका से भर जाता है सामने वाला हमें अपने बारे में जो बताता है हम या तो उसे मान लेते हैं या उसे संदिग्ध मान कर छोड देते हैं यदि हम वही मान लेते हैं जो संदिग्ध प्रोफाइल वाला वंदा या वंदी हमें विश्वास दिलाना चाहता है तो हम एक धोखे का शिकार होते हैं क्योंकि उसका फोटो ही उसके परिचय को झूठा घोषित कर रहा होता है। फोटो होता है किसी माॅडल या किसी सेलिब्रिटी का।

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गुरुवार, 28 जून 2012

फोटो को tag करना facebook पर मोजूद ब्रह्मास्त्र है photo taging power in facebook

फोटो को tag करना facebook पर मोजूद ब्रह्मास्त्र है
https://www.facebook.com/about/tagging



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बुधवार, 27 जून 2012

फेसबुक में कॉन्टेक्ट इंफॉरमेशन में अपना ईमेल देखें your new facebook email id


 your new facebook email id
फेसबुक में कॉन्टेक्ट इंफॉरमेशन में अपना ईमेल देखें क्या लिखा है फेसबुक ने सभी यूसर के ईमेल @facebook कर दिये हैं कृपया ये नोट कर लें और अपने अन्य मेल आईडी से इस फेसबुक के ईमेल पर मेल करें कुछ अटैचमेंट के साथ फिर अपना फेसबुक का मैसेज बॉक्स देखें आपका भेजा हुआ ईमेल वहाँ दिखाई देगा

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शनिवार, 28 अप्रैल 2012

गर्व से कहो हम नेट जीवी है, एक जबाब उन लोगों को जो हमें आलसी कहते हैं

The power of social networking sites
पुराने जमाने में होता ये था कि एक बेचारा या बेचारी पर सरेराह जुल्म ढाये जाते थे और जुल्म केवल चार लोग ही ढाते थे बाकी जिसे जनता कहते हैं जिनकी संख्या उन चार जुल्मी से दस गुनी चालीस होती थी केवल तमाशा देखते थे और कर कुछ नही पाते थे केवल अपने अंदर एक भय पैदा कर चुपचाप रहते थे। लेकिन अब इस तरह के चार  लोग जब दु:साहस कर लोगों पर जुल्म ढाहाते हैं तब वे चालीस के चालीस बोलते तो कुछ नही लेकिन उनकी अंगुलिया अपने मोबाईल के की-पेड पर एक्टिव रहती है फेसबुक, टयूटर पर और उनके मोबाईल के कैमरे भी लगातार उस दरिंदगी को रिकार्ड करते रहते हैं और एक ब्लॉगर होता है जो घर आकर अपने लेपटॉप या डेक्सटॉप पर जो पूरी स्टोरी जो उसके दिमाग में फीड होती है को अपने ब्लॉग के माध्यम से और न्यूज बेव साईटों पर शेयर करता है। तब वे चार जुल्मी को लपेटे में आते ही है उनके  जैसे चालीस जो उनके ही विरादरी के होते हैं वे भी नही बच पाते। जब किसी का कच्चा चिठ्ठा एक बार नेट पर आ जाये तो हम सभी जानते हैं उसकी यात्रा अनंत होती है प्लेग की बीमारी से भी उसकी स्पीड फैलने के मामले में तेज होती है यूट्यूब और जाने कौन कौन सी साइटे एक सर्च में सामने आती हैं कर दो जहाँ चाहो लोड विडियो। अब बताईये हम कहाँ आलसी है हाँ हमें उन लोगो ने बदनाम कर रखा है जो केवल नेट पर अपोजिट सेक्स के वक्षस्थल, नितम्ब और न जाने क्या-क्या क्रीया कलापों में व्यस्त रह कर जो परिश्रमी नेटजीवी है उन्हें बदनाम करते हैं। कुछ तो, कुछ सिखाना ही नही चाहते बाबा आदम के जमाने के गेम आॅनलाइन खेलने में अमूल्य समय बर्बाद करते हैं। कुछ हैं जो केवल एक लालची की तरह सोचते हैं कि जितनी   संख्या में लड़कियों और अपना अंग प्रदर्शन करने वाली नकली या फेक प्रोफाईल वाली महिलाओं और नवयौवनाओं को अपनी फें्रड लिस्ट में एड करें उतना रूतबा बडे। किसी किसी नवयौवना वाली फोटो प्रोफाइल में फेंड्स की संख्या तो 5000 की करीब तक होती है उसके लिये तो अपनी एक दिन की वॉल पोस्ट पढ़ने में साल के 365 दिन भी कम पडें। और तो और कुछ होतीं है बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम उनकी जब फोटो एल्बम का निरिक्षण करो तो पता चलता है उन्होंने ओल्ड ऐज होते हुए भी किसी बॉलीबुड अभिनेत्री की फोटो अपने प्रोफाइल पर चिपका रखी है, ये ऐसे ही होता है जैसे किसी मंूगफली को छिलने में एक सड़ा दाना निकले। अब आप ही सोचिये ऐसे लोग जिनकी फें्रड लिस्ट में हजारों की संख्या में लोग मौजूद हों वे क्या करते होंगे फेसबुक पर। कुछ लोग तो दिनभर चेटिंग और चिटिंग में ही मजे लेते हैं ऐसे ऐसे इंग्लिश के वर्ड यूस करते हैं कि उनकी तो नए सिरे से डिक्शनरी छापनी पड़े ऐसे लोग जब आगे चलकर अपने बच्चों को यदि इंग्लिश पढ़ायेंगे तो उन्हें बहुत से शब्दों की ठीक स्पेलिंग ही याद नही आयेगी। कथा तो अनंत है आप अपने कमेंट्स के माध्यम से और बतायें कि कैसे हम परिश्रमी, ईमानदार लोग लगे रहते हैं। और लोग हमें आलसी कहते हैं। कुछ देशों की तानाशाह सरकारें ऐसी है जो हम जैसे अपने देशवासी ईमानदार, परिश्रमी नेटजीवियों से तंग आ चुकी हैं जो अपने देश में इन साइटों को ब्लॉक करके भी शुकुन महसूस नही कर पातीं।



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शनिवार, 1 अक्टूबर 2011

फेसबुक पर हम जो अंदर से हैं वैसा ही हम अपने फेसबुक फैंड्स को नजर आते हंै facebook status define your identity

फेसबुक पर हम जो अंदर से हैं वैसा ही हम अपने फेसबुक फैंड्स को नजर आते हंै यदि हम फेसबुक पर ढोंग करते हैं अपने आपको गुरू या स्मार्ट शो करने की तो लोग जल्द ही हमारी असलीयत जान जाते हैं। इसलिये मै जैसा सोचता हँू वैसा ही फेसबुक पर नजर आने की कोशिश नही करता ये मै अपने फैंड्स पर ही छोड़ देता हूँ। रियल लाइफ में यदि हम किसी से दोस्ती करते हैं तो ये हमारे पहनावें, बोलचाल, हम कैसे दिखते हैं काले या गोरे, बुढे या जवान, साइकिल से चलते हैं या वाइक से या कार से। उसी हिसाब से हम जिसे दोस्त बनाते हैं वे हम से दोस्ती करते हैं क्योकि वे हमारे आंतरिक व्यवहार जो कि हमारी असली हकीकत होती से वाकिफ नही होते। फेसबुक पर हम पर इन सब दिखावे का प्रेशर नही होता यहाँ केवल हमारी आंतरिक सोच या असली हकीकत ही हमारी पहचान होती है। मै अक्सर फेसबुक फ्रेंडस् से मीटिंग को अवईड करता हँू(ये मै अहंकार या किसी शंकावश नही करता)। क्योकि इसके पीछे मेरी सोच होती है कि
जात न पूछो साधू की, पूछ लिजिए ज्ञान, तौल करो तलवार की पड़ी रहन दो म्यान।।
कृपया यहाँ मुझे ज्ञानी या साधु न समझें।
इसका एक दूसरा पहलू भी है जो लोग हमें रियल लाईफ में जानते हैं और जो हमारी रूटीन लाईफ में हमारे दोस्त हैं वे हमारी फेसबुक लिस्ट में भी होते हैं वे हमारी इस आंतरिक असली हकीकत को हमेशा दिखावा ही समझते हैं और अंदर ही अंदर सोचते हैं कभी कभी तो हमें मैसेज के माध्यम से कहते हैं - अरे यार तुम पूरे देश ही फिकर करते रहते हो अपनी लाइफ से बारे मै ही सोचा करों। 2-अरे यार तुम तो आजकल अंकलों जैसी बातें करते हो। 3- क्या यार दिनभर नेट से कॉपी पेस्ट कर पकाते रहते हो। 4- कुछ दोस्त तो इतना एरीटेड होते हैं वे कहते हैं कि फेसबुक पर ही कर लिया करो सबकुछ हमसे क्यो मिलते हो। 5- कुछ दोस्त तो अब अपने घर किसी कार्यक्रम में भी नही इन्वाईट करते पूछने पर कहते हैं कि बुलाने किस किस को जाते इसलिये फेसबुक पर सबको इंवाईट किया था शायद तुमने पढ़ा नही।
और बाकी आप सभी के अलग अलग अनुभव होंगे फेसबुक पर कृपया अपने कमेंट्स के माध्यम से बतायें ताकि लोग उससे लाभांवित हो सकें।
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