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मंगलवार, 31 मई 2011

ये सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और अपने चोरी गये लेपटॉप और डेस्कटॉप का पता लगायें

Prey एक ओपन सोर्स अर्थात् लाइसेंस रहित सभी के लिये फ्री सॉफ्टवेयर है जिसे आप अपने कम्पयूटर में इंस्टाल कर, चोरी हो जाने पर अपने कम्प्यूटर की लोकेशन का पता लगा सकते हैं और यदि चोर ने गलती से आपके कम्प्यूटर पर वेब कैमरा अटैच कर लिया तो उसका फोटो भी आपको आॅनलाईन मिल जायेगा।
अधिक जानकारी के लिये इस वेबसाईट पर जायें

Prey Project introduction from Carlos Yaconi on Vimeo.

मंगलवार, 17 मई 2011

रोचक हिंदी किताबें (Online Hindi E-Books)

बच्चों के लिए रोचक हिंदी किताबें जो मैंने गूगल बुक्स पर पाई, आप भी पढ़ें और बच्चों को भी पढाएँ. बुक पर क्लिक कर पढ़ें




कुछ बड़ो के लिए किताबें



शतरंज  के  खिलाडी    मानसरोवर      सेवासदन   जलती चट्टान    घर  के  बाहर 

कलावती की  शिक्षा    नीलकंठ    स्मृतियाँ    ये  है  वो  आतिश  ग़ालिब   

प्रेमचंद  की  सर्वश्रेष्ट  कहानियां     मन की  जीत    योग  एक  वरदान 

आंख की किरकिरी

दत्ता     पहिये   संतराबाई  की  शर्त    मंत्री  हो  जाने  का  सपना    महिलायें  ध्यान  दें    
हास्य  नाटक     बच्चों  के  रोचक नाटक     साहित्यिक  परिवेश  के व्यंग्य 
ज्योतिष  और  रत्न    स्वपन  ज्योतिष  शनि  उपासना  

लाल  किताब     Person सामान्य  अध्यन  २००९   

संक्षिप्त  वस्तुनिष्ठ  सामान्य  ज्ञान      The Pearson सामान्य  ज्ञान  कोष  2010

बैंक  क्लेरिकल  Recruitment Exam   सामान्य  अध्ययन  2011 Exam

वैज्ञानिक  गियासा  क्यों  और कैसे   

Pearson स्टेट  बैंक  ऑफ़  इंडिया  क्लेरिकल  Recruitment Exam (Hindi) 

बुधवार, 4 मई 2011

कुछ मेरे अनुभव इनके साथ

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 जब से मैने होश सम्भाला है मेरे माता-पिता को मैने अपना इलाज इन्हीं डॉक्टर महोदय से करवाते पाया। आज से लगभग 26 वर्ष पहले मेरे नाक में से गर्मी के मौसम में खून बहने लगा तो मेरे माता पिता मुझे भोपाल स्थित रेल्वे हॉस्पिटल में इलाज के लिये ले गये और उस हॉस्पिटल के डॉक्टर ने मुझे कुछ गोलियाँ खाने के लिये दी। घर आकर मेरी माता ने मुझे ये गोलियाँ खिलाई जिससे मेरी नाक से पानी के नल की तरह खून और ज्यादा बहने लगा मेरी माता ये देखकर बेहोश हो गई कुछ मौहल्ले वाले माता के साथ मुझे हमीदिया इलाज के लिये लेकर गये लेकिन वहाँ के डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिये कहा कि वापस रेल्वे हॉस्पिटल में ही दिखवाओं मेरी नाक से लगातार खून बह रहा था। अंत में मेरी माता ने मुझे सिंघई क्लिनिक पर सिंघई डॉक्टर को दिखाया तब उन्होंने मेरी नाक से निकलते खून को मात्र 20 मिनिट में ही रोक दिया उस दिन से मै इन डाक्टर महोदय को भगवान का रूप मानता हूँ। आज जब मेरी शादी हो चुकी है मेरे दो बच्चे हैं मैं अपनी पूरी फैमली का इलाज यहीं करवाता हूँ। आप भी चाहे तो उस पूरे छोले नाके पर हर किसी से इन डॉक्टर महोदय का रिकार्ड पता कर सकते हैं।जब से होश संभाला है तब से देख रहा हूँ कि इन्होंने कैसे केवल छोले नाके में साइकिल से अपनी शुरूआत की और आज यहाँ के सभी लोग इन्हें सबसे विश्वसनीय डॉकटर मानते हैं।
आज भोपाल में हजारों की तादाद में झोला छाप डाक्टर लोगों को लूटने में लगे हैं लेकिन उन सब को छोड़ कर प्रशासन जब भी इन झोलाछाप डॉक्टरों के लिये मुहिम चलाता है सब क्लिनिकों को छोड़ कर केवल इन डॉक्टर महोदय की क्लिनिक ही खुली मिलती है। और प्रशासन इन डॉक्टर महोदय को जरूर समाचार की सुर्खियाँ मे जरूर लाता है।
मै अंत मे यही करना चाहता हूँ जो व्यक्ति लगभग 30 सालों से लोगों की कम से कम फीस में सेवा कर रहा हैं उसे क्या आप के हिसाब से यदि डिग्री न हो तो क्या उसे घर पर बैठा देना चाहिये या उसकी क्लिनिक बंद कर उस एरिये के लोगों को भगवान के भरोसे या उन लूटेरे झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे छोड़ देना चाहते है जो इन डॉक्टर महोदय को फूटी आँख न सुहाते हों। मैं मानता हूँ कि ये गलत डिग्री से एलोपैथी का इलाज कर रहें हैं किंतु 30 सालों को अनुभव भी मायने रखता है जबकि यहाँ आने वाले लोगों कि भीड़ इनकी विश्वसनीयता को प्रकट करती हो।
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