bhagat bhopal: अक्टूबर 2024

बुधवार, 30 अक्टूबर 2024

गलत व्यवहार पर प्रतिक्रिया नहीं करने वालों से सावधान

 आपका कोई कर्मचारी रिश्तेदार या भाई या कोई ऐसा व्यक्ति जिस पर आप कंटिन्यू गलत व्यवहार कर रहे हैं लेकिन वह सहन करता हुआ  सेवाएं दे रहा है। कोई विरोध नहीं कर रहा। इसका मतलब यह है कि आपको एक बहुत बड़े तूफान की या नुकसान की पदचाप सुन लेना चाहिए जो की आने वाला है। 

एक व्यक्ति जो कि मेरे पहचान का है अपनी जॉब की तलाश में एक जगह बहुत ही कम सैलरी में उसने अपने जॉब की शुरुआत की मालिक और उस व्यक्ति ने अच्छी मेहनत करते हुए मार्केट में अपना अच्छा नाम बना लिया और बिजनेस भी। इसी बीच मलिक ने अपने गांव से एक लड़के को बुलाकर मेंन मार्केट में दूसरा शोरूम डाल दिया और पुराने शॉप पर अपने भतीजे को और उस व्यक्ति को बैठा दिया और रिटेल शोरूम पर खुद बैठने लगा और वह लड़का भी गांव वाला। जो उसका पुराना कर्मचारी मतलब मेरे  पहचान का जो बंदा है उसे उस लड़के करतूतों  का पता पड़ने लगा । वह मालिक उस गांव वाले लड़के से बहुत ही अपशब्द और गलत व्यवहार करते हुए काम कराता था।  लेकिन फिर भी वह मालिक का वफादार होने का नाटक करता था। उस पुराने कर्मचारियों के खिलाफ उसके कान भरता था और उसकी सैलरी नहीं बढ़ने देता था ।  वह मालिक को जवाब तक नहीं देता था। उस पुराने बंदे ने समय रहते वहां से जॉब छोड़ दिया ताकि वह किसी घोटाले में ना फंस जाए लगभग दो-तीन साल बाद वह गांव वाला लड़के और उस शोरूम मालिक में बहुत बड़ा विवाद हुआ है जो कि लंबे समय तक चला।

रविवार, 27 अक्टूबर 2024

दुकानदारी में सीखने की जरूरत है

 लोकल दुकानदार लोग व्हाट्सएप पर लोगो से ऑनलाइन शॉपिंग न करने का मैसेज करते रहते हैं लेकिन इन ऑनलाइन शॉपिंग बालों से और सुपरमार्केट वालों से कुछ सीखने को तैयार नहीं है। सबसे पहली बात सिखने वाली यह के त्यौहार में आप दुकान के सामने बड़े अक्षरों में छोटे-छोटे बोर्ड लगाइए कौन सी चीज आपके यहां किस रेट में मिल रही है। बड़े-बड़े सुपर मार्केट कंपनियां न्यूज पेपर विज्ञापन में लाखों का खर्च करके बताती हैं बहुत खर्च करती है।

सुरक्षा की दृष्टि से यह नियम लागू होना चाहिए

 गवर्नमेंट को तत्काल यह कानून लागू कर देना चाहिए कि बिना नंबर की किसी भी गाड़ी को डीजल पेट्रोल और गैस नहीं दिया जाएगा। तो बहुत कुछ चेंज हो सकता है चाहे वह कितने बड़े नेता की गाड़ी हो और जो पेट्रोल पंप वाला बिना नंबर गाड़ी को पेट्रोल दे उसे पर कार्रवाई होना चाहिए। नई गाड़ी को 1 महीने की छूट दी जानी चाहिए। 

मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024

नॉनवेज का कंपनियों को ठेका दिया जाना चाहिए

 आजकल लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं खासकर लोग जो नॉनवेज खाते हैं और हजारों रुपए हॉस्पिटलों में बर्बाद कर रहे हैं अब उनको यह नहीं पता वैसे तो पता है की अंडे पर एक्सपायरी डेट नही होती ना ही नॉनवेज पर। लोग होटल में और पता नहीं कहां-कहां खाते हैं और वह डायरेक्ट बना कर देते हैं अब उनको यह नहीं मालूम कि अंडा एक्सपायर हो चुका था या नॉनवेज कब से फ्रिज में सड़ रहा है दो-तीन दिन बाद अस्पताल में लाइन में लगते हैं। खास तौर पर वह लोग ज्यादा बीमार हो रहै है जो लेट नाइट हाईवे पर कारों से जाते हैं पार्टी मनाने हैं ढाबों पर।  पूरा ठेका नॉनवेज सप्लाई का काटने पीटने का गवर्नमेंट को या नगर निगम को  ठेके पर किसी बड़ी कंपनी को देना चाहिए और दुकाने दारू की तरह ठेके पर। और उसे वैक्यूम  में पैक करके एक्सपायरी डेट डालकर बेचना चाहिए। इससे एक फायदा यह भी होगा कि पूरे शहर में सफाई रहेगी जगह-जगह गली को कुचारों में रोड किनारे हाईवे पर जो रोड किनारे चिकनमटन बेचा जा उसे लोग बीमार भी नहीं पड़ेंगे और गंदगी भी नहीं होगी।

रविवार, 20 अक्टूबर 2024

अंग्रेजों से अंग्रेजी के अलावा कुछ और भी सीख सकते थे

 हमने अंग्रेजों की अंग्रेजी तो एक्सेप्ट कर ली और हर स्कूल में और हर समाज में स्टेटस के लिए अंग्रेजी स्कूल में बच्चों को डाला जाता है काश के हम अंग्रेजों की टेक्निक पुल बनाने की सीख लेते तो आज हमारे देश में इतने सारे पुल ना गिरते और जो बने हैं उनकी क्वालिटी भी अच्छी होती देश की जनता का गाड़ी कमाई का पैसा यूं बर्बाद ना जाता।

बैंक वालों का व्यवहार

 एसबीआई बैंक में आप जाओगे तो आपको लगता है बैंक वाले काम करके आप पर अहसान कर रहे हैं वह बहुत बड़ा काम कर रहे हैं आपको सेवा देके यह बैंक वाले भी सोचते हैं। लेकिन जब आप किसी बड़े प्राइवेट बैंक में जाओगे तो आपको लगता है कि आपने उनके बैंक में अकाउंट खोलकर उन पर बहुत बड़ा एहसान किया है वह लोग आपकी सेवा में खड़े रहते हैं। गवर्नमेंट बैंक में आपको बहू वाली फीलिंग आती है लगता है हर टेबल पर सास नंद बैठी हुई है और प्राइवेट बैंक में आपको दामाद वाली फीलिंग आती है लगता है जैसे हम अपना ससुराल में आए हो।

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024

अमीर गरीब का फर्क

 यह भी एक तरह का भ्रष्टाचार है बचपन में जब सदा लिफाफा पोस्ट किया जाता था तो उसकी गारंटी नहीं होती थी कि पहुंच जाएगा लेकिन यदि उस पर टिकट लगा दिए जाते थे तो थोड़ी गारंटी रहती थी पहुंच जाएगा लेकिन रजिस्टर डाक से भेजा जाता था तो पूरी गारंटी रहती थी पहुंच जाएगा । आज की डेट में भी यही हो रहा है स्पीड पोस्ट से कंफर्म होता है कि पहुंच जाएगा यही हाल सिस्टम का है पैसा फेंको और तमाशा देखो। उस समय गरीब आदमी सादा लिफाफा पोस्ट करता था। और अमीर टिकट लगाकर।

जब देश में गरीब आदमी जनरल डब्बे में यात्रा करता है और अमीर एसी में तो फिर जब गरीब आदमी वोट देता है तो उसे वोट को 25% माना जाना चाहिए जब चार गरीब वोट दें तब उसको एक वोट माना जाना चाहिए और जब एक अमीर वोट दे तो उसे पूरा एक वोट ही मनना चाहिए।

जब हर तरह से कभी गरीब और अमीर में अंतर और सुविधाओं में अंतर किया जाता है तो वोट को एक क्यों माना जाता है वोट भी गरीब का अलग होना चाहिए आमिर का अलग। 

अंधविश्वास से दूर रहकर

 मोहल्ला डीजे गरबा फालतू की चुतीयापाई से दूर रहे । नवदुर्गा का त्यौहार हमारे नो चक्रों को जागृत करने का 9 दिन का त्यौहार होता है इस समय अपने गुरु मंत्र का जाप शांतिपूर्वक एकांत जगह पर अपने घर में करें। हु हा के चक्कर में ना पड़े सात्विक भोजन करें। जब गणेश जी किसी के शरीर में नहीं आते हैं तो देवी कैसे आ सकती हैं थोड़ा अपने दिमाग का यूज करें । फालतू के अंध विश्वास में ना पड़े खाने की चीजों को टोने टोटके करने के चक्कर में चौराहे  पर ना फेक गरीबों को दान करें। गुरु मंत्र जाप करने से पहले समझे कि वह तांत्रिक मंत्र है या गुरु मंत्र ओरिजिनल है । हर किसी को अपना गुरु ना बनाएं

अहिंसा की जरूरत बहुत ज्यादा है

 हमारा देश 200 साल तक अंग्रेजों के अधीन रहा मै यह नहीं कहूंगा कि गुलाम रहा हम लोग स्वतंत्रता का अनुभव पूरी तरह से नहीं कर पाए बचपन में मैं सोचता था कि हमारे देश में इतने साधु महात्मा शाप देने वाले साधु, काला जादू और बड़े-बड़े जादूगर मौजूद थे तो इन लोगों ने अपनी शक्ति क्यों नहीं दिखाई इन दोनों ने अपनी शक्ति इसलिए नहीं दिखाई क्योंकि पूरी जनता सोचती रही कि शायद दोबारा कोई अवतार ले और जनता आज की डेट में नगर निगम में और पार्षद से अपने एरिया की समस्याओं के बारे में बात करने में डरती है । उस तरह के लोग उस समय भी मौजूद थे मात्र इच्छा शक्ति थी कुछ लोगों में जो अंग्रेज से जूझ गए।

एक तर्क यह भी है कि उस समय के पुल और रोड्स आज भी वैसे के वैसे हैं। उस समय तो शायद और अच्छे होंगे शायद इसीलिए भी जानता टैक्स देने और समस्याओं के बारे में जागरूक नहीं होगी की समस्या दिखाई देती नहीं होगी जितना टैक्स दिया जाता होगा। इतनी सुविधा मिलती होगी। भ्रष्टाचार नाम मात्र का भी नहीं होता होगा। आज भी हमारे देश के लोग स्वतंत्र हैं लेकिन हिंसक प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटते और हमारे ही देश के खिलाफ विदेश में भी बोलते हैं और देश में भी बोलते हैं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है लोगों की पर्सनल संपत्ति को जला दिया जाता है मेरा यह ब्लॉग लिखने का उद्देश्य यह है कि आज हमें अहिंसक होने की जरूरत है क्योंकि आज हम अंग्रेजों के अधीन नहीं है हम अपने देश की समस्याओं को सरकार पर छोड़कर वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन करके एक लंबे समय बाद उसका समाधान पा सकते हैं तो हम हिंसक प्रदर्शन क्यों करें । हम गांधी जयंती के दिन यह प्रण करें की हिंसक प्रदर्शन किसी भी दशा में ना करें क्योंकि हम अंग्रेजों के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं हम अपने देश की समस्याओं को सरकार के सामने रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं कोई हमें गुलाम बनाने के लिए सरकार हम लोगों ने नहीं बनाई है तो फिर हम क्यों हिंसक प्रदर्शन करें।

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2024

सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान

 आज मैंने एक वीडियो देखा जिसमें बताया गया है कि लोग रिटायरमेंट होने पर ढेर सारा पैसा सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान में लगा देते हैं लोग उनको कंफ्यूज करके उनका इन्वेस्टमेंट म्युचुअल फंड में करवा देते हैं । जिसमे पैसे उनका पैसा घटता जाता है जबकि सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान केवल FD में ही सक्सेस है क्योंकि उसमें रिस्क जीरो होता है और पैसा बढ़ता रहता है। शर्त यह है कि 10 लाख रिटायरमेंट में मिलते हैं तो उन्हें कम से कम 5 साल तो FD में रखकर उसके बाद यदि आप ₹10000 महीने भी निकलेंगे तो वहां पैसा चलता जाएगा। आगे जीवन में।