कान में घोले गए जहर का इलाज नहीं होता
रील में छोटी सी कहानी सुनी जिसका सार यह था कि यदि आदमी को जहर दिया जाए खाने में तो उसका इलाज तो हो सकता है। लेकिन यदि कानों में जहर घोल दिया जाए तो पीढ़ियों तक चलता है। उदाहरण उसमें बताया गया है कि जो राजा महाराजा होते थे उनके गुलाम होते थे गुलाम रानियां के कान में इतना जहर घोल देते थे की रानियां उनको अपना पूरा शरीर सौंप देती थी। प्रमुख रानिया से राजा की जो बच्चे होते थे वही राज करते थे बाकी तो बच्चे गुलामो के होते थे जिनको राजा अपना समझता था। और कई राजाओं को पता होता था वह बच्चे उनके नहीं है। राजपाठ हथियाने के लिए एक दूसरे का खून बाहते रहते थे
