Blogger Tips and TricksLatest Tips And TricksBlogger Tricks

सोमवार, 20 अप्रैल 2015

क्या आप गंवाने के लिये कमा रहे हैं


इस पोस्ट का शीर्षक यह भी हो सकता था
ये लोग अपने धन को एक ही दिन में डबल नही, चौगुना बढ़ा रहे हैं।
मै यहां बात करना चाहता हूं उन लोगों के विषय में जिन्हे हम ​प्रतिदिन की दिनचर्या में नजरअंदाज कर देेते हैं या इन्हें पैसे देते समय ये सोचते हैं इतने में हमारा क्या जाता है। नीचे मै कुछ उदाहरण लिख रहा हूं शायद उससे आपकी दिमाग की बत्ती जले कि ये क्या हो रहा है:

1 सबसे पहले तो उस गोल गप्पे या फुल्की वाले के बारे में सोचिये कि वो हमसे आखिर 5 फुल्की खिलाने के 10 रूपये क्यो वसूल रहा है। एक फुल्की के 2 रू के हिसाब से। न तो वह कोई सर्विस टैक्स दे रहा है, ना ही कोई किराया भाड़ा दुकान का और ना ही वह अपकी इन्कम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहा है। फिर 20—25 रू किलो मैदे से बनी फुल्कियां इतनी मंहगी क्यो।

2 उस चाट पकोड़ी वाले के बारे में सोचिये जो आज भी आलू 10 रू ​किलो हो जाने पर भी 7 से 8 रू. में एक समोसा या एक आलू बड़ा और 10 रू. में गिनती के 10 मगोड़े आपको खिला रहा है। और घटिया वनस्पति घी की जलेबियां।

3 सोचिये उस गुमटी या ठेले वाले के बारे में जो एक सादा डोसा आपको दे रहा है 25 से 30 रू. में। जबकि आजकल जो डोसे का रेडी टू कुक घोल मार्केट में मिल रहा है वह पड़ता है ​हमें 50 रू तक।
ऐसे बहुत लोग हमारे आस पास धन बनाने में लगे हैंं। यदि हम जागरूक होकर उन्हे महिने में कम से कम 7 दिन भी पैसे न दें और उनसे कोई चीज न खरीदें तो हम स्वयं पर उपकार कर सकते हैं और अपने लिये मंहगाई के भ्रम को कम कर सकते हैं।



1 टिप्पणी:

  1. उनके घर में भी बहुत सारे लोग होते हैं ...क्या करे बेचारे .....स्वास्थ्य की दृष्टि से बाहर का खाना नुकसानदायक है,.. इस पर हमें विचार करना चाहिए ..

    उत्तर देंहटाएं

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...